Sat. May 25th, 2024

Dengue News

संवाददाता कृष्णकांत पांडेय | बलिया | Dengue News

  • पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें
  • घर के आस–पास रखें साफ सफाई
  • जल जमाव न होने दें, मच्छरों के स्रोतों को करें नष्ट
  • सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर डेंगू के इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
  • ऐसे में मरीज को लक्षण दिखते ही निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं।
  • डेंगू के मरीजों के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर जिला अस्पताल में 10 बेड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो-दो बेड आरक्षित किये हैं।

यह कहना है वेक्टर बॉर्न डिजीज के नोडल अधिकारी डॉ अभिषेक मिश्रा का।

उन्होंने बताया कि जिले में डेंगू नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। डेंगू से डरने की नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। लक्षण नजर आते ही अगर अस्पताल की सेवाएं ली जाएं तो बीमारी को गंभीर होने से बचाया जा सकता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के मरीज, गर्भवती आदि डेंगू के लक्षण दिखते ही अविलंब अस्पताल की सेवा लें। ऐसे मरीजों में डेंगू के कारण जटिलताएं बढ़ने की आशंका रहती है।

उन्होंने कहा कि वैसे तो (Dengue News) डेंगू एक साधारण बीमारी है, लेकिन इलाज में लापरवाही से यह गंभीर रूप ले सकती है। अगर अचानक तेज बुखार, सिर दर्द, हड्डियों में दर्द के साथ आंखों के पीछे तेज दर्द हो तो मरीज को डेंगू की जांच अवश्य करानी चाहिए। बुखार की स्थिति में चिकित्सक की सलाह पर ही दवा लेनी चाहिए है। दर्द निवारक एवं खून पतला करने वाली दवा का सेवन बिल्कुल नहीं करना है। इसलिए डेंगू का लक्षण दिखने पर त्वरित इलाज होना जरूरी है।

डॉ अभिषेक ने कहा कि (Dengue News)

  • लोगों में यह भ्रम है कि डेंगू के हर मरीज को प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है। किसे प्लेटलेट चढ़ना है और किसे नहीं यह संक्रमण के स्तर पर निर्भर करता है।
  • यदि मरीज सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचता है, तो उसे प्लेटलेट चढ़ाने या गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा जाता है।
  • उन्होंने कहा कि हर किसी को प्रयास करना चाहिए कि मच्छरों से बचाव करें।
  • इसके लिए जल जमाव न होने दें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और मच्छरदानी का इस्तेमाल नियमित करें।
  • बाद में भी, अगर डेंगू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।


जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने बताया कि

  • इस साल जिले में डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है।
  • उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्रों पर एनएस-1 जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर सैंपल जिला अस्पताल मंगाया जाता है
  • और अगर एलाइजा का टेस्ट भी सही निकलता है, तो उसे पुष्ट डेंगू मान लिया जाता है।
  • निजी अस्पतालों से भी कहा गया है कि अगर उनके यहां डेंगू के मरीज निकल रहे हैं
  • तो मरीज की तत्काल जांच करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।
  • उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जनपद स्तरीय एवं ब्लाक स्तरीय रैपिड रिस्पांन्स टीम द्वारा निरोधात्मक कार्रवाई के साथ जनजागरूकता, स्वास्थ्य शिक्षा, सोर्स रिडक्शन, ज्वर पीड़ित मरीजों के रक्त नमूनों की जाँच, ब्लीचिंग पाउडर,
  • लार्वी साइडल नालियों में लगाया जा रहा है।
  • जहां डेंगू के मामले सामने आ रहे हैं
  • वहां मच्छरों के स्रोतों को भी नष्ट कर रहे हैं।

खानपान पर दें ध्यान (Dengue News)

उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार की स्थिति में मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए, अधिक से अधिक तरल पदार्थों जैसे ताजे फलों का जूस, दाल का पानी, नारियल पानी, ओ आर एस घोल, दूध- छाछ, ताजे फल, प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करने वाली खाद्य पदार्थों आदि का सेवन करना चाहिए, तले भुने, गरिष्ठ भोजन, दर्द निवारक दवाओं आदि से बचना चाहिए।

जाने और खबर :-

33 फीसदी महिला आरक्षण बिल पर महिलाओं में दौड़ी खुशी की लहर

One thought on “जरा सी लापरवाही डेंगू को बना सकती है जानलेवा, करें बचाव – रहें सतर्क”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *