Sat. May 18th, 2024

tuberculosis free panchayat
  • Tuberculosis free panchayat
  • हर ब्लॉक व टीबी यूनिट से स्वास्थ्यकर्मी व एडीओ पंचायत को बनाया गया मास्टर ट्रेनर
  • अब मास्टर ट्रेनर्स ग्राम प्रधान और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को करेंगे प्रशिक्षित

जनपद में मौजूद हर क्षय रोगी के लिए तैयार होगा एक फैमिली केयर गिवर

संवाददाता कृष्ण कांत पांडेय | Tuberculosis free panchayat | बलिया प्रधानमंत्री के आह्वान पर वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लिए जिला क्षय रोग विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे टीबी मुक्त पंचायत व टीबी फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके। इसके लिए मास्टर ट्रेनर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में संपन्न हुआ। जिला पंचायती राज विभाग से ब्लॉक वार एक -एक प्रतिनिधि के अलावा जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम), ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम), क्षय रोग विभाग से वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक (एसटीएस), वरिष्ठ प्रयोगशाला पर्यवेक्षक (एसटीएलएस) टीबीएचवी को जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ आनन्द कुमार, एसटीएसयू सलाहकार विनय सिंह एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक आशीष सिंह ने प्रशिक्षण दिया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ विजय पति द्विवेदी ने प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनपद प्रतिबद्ध है। ट्रेनिंग ले चुके मास्टर ट्रेनर्स अब टीबी मुक्त पंचायत अभियान का लक्ष्य हासिल करने के लिए ग्राम प्रधान और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को प्रशिक्षण देंगे है और साथ ही हर क्षय रोगी के लिए एक फैमिली केयर गिवर भी तैयार करेंगे। इसके साथ पंचायत समिति, जन आरोग्य समिति और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति ( वीएचएसएनसी) का भी संवेदीकरण करना है।

उन्होंने कहा कि इससे सामुदायिक स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और क्षय रोगियों को सामाजिक स्तर पर मिलने वाले तिरस्कार से मुक्ति के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार मिलने में मदद मिलेगी। शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, क्षय रोगी के करीबी या परिवार के सदस्यों की पहचान की जाएगी जो उसे उपचार में मदद कर सकते हैं, उसे देखभाल कर सकते हैं और रोगी को जरूरी भोजन दे सकते हैं। ऐसे व्यक्ति को घरेलू देखभाल कर्ता कहा जाएगा।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ आनन्द कुमार ने बताया कि

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ आनन्द कुमार ने बताया कि फैमिली केयर गिवर को क्षय रोगी के साथ हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर जाना होगा, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) उसे क्षय रोग के उपचार के बारे में विस्तार से बताएंगे। साथ ही इस बात का भी प्रशिक्षण देंगे कि रोगी की दवाओं और उनके असर का उसे किस प्रकार से ध्यान रखना है। उसे बताया जाएगा कि टीबी की दवाओं के साथ अच्छा पोषण जरूरी होता है। रोगी को भोजन में क्या-क्या देना चाहिए। फैमिली केयर गिवर समुदाय में टीबी के प्रति जागरूकता और जानकारी बढ़ाने में भी क्षय रोग विभाग की मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत एक हज़ार की जनसंख्या पर कम से कम 30 संभावित मरीज की जांच की जाएगी। साथ ही उपचार की सफलता का दर 85 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए।

Tuberculosis free panchayat


कार्यक्रम समन्वयक आशीष सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में 18 टीबी यूनिट के कर्मचारी एवं 17 ब्लॉक के एडीओ पंचायत को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण ले चुके एडीओ पंचायत एवं स्वास्थ्य कर्मी ग्राम प्रधान एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी के मरीज़ों को गोद लेने के लिए भी ग्राम प्रधानों को ग्राम स्तर पर प्रोत्साहित करना है।
प्रशिक्षण सत्र में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेंद्र सिंह, जिला पीपीएम समन्वयक विवेक सिंह, अभिषेक सिंह, टीबी विभाग के सभी कर्मचारी शामिल रहे।

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