Sat. May 25th, 2024

What is Deepfake Technology

What is Deepfake Technology: आधुनिक तकनीकी युग में, हम सभी ने डीपफेक्स के बारे में सुना है, लेकिन यह क्या है, इसका हमारे समाज में कैसा प्रभाव है, और हम इससे कैसे बच सकते हैं? चलिए, इस पर विस्तार से जानें.

What is Deepfake Technology: डीपफेक टेक्नोलॉजी क्या है?

डीपफेक्स एक तकनीकी प्रक्रिया है जिसमें किसी व्यक्ति के चेहरे और आवाज को डिजिटल रूप से मोड़ा जाता है ताकि यह अन्य व्यक्ति के साथ मेल खाए। इसका उद्देश्य धूप में किसी को धोखा देना या गुमराह करना है। यह तकनीकी विकास का एक अंश है, लेकिन इसका दुष्प्रभाव अत्यधिक है।

डीपफेक्स का हानिकारक प्रभाव: (Effects of Deepfake Technology)

गैर-सत्यपूर्णता: (Non-truthfulness)

डीपफेक्स वास्तविकता को छुपाने की क्षमता रखता है, जिससे लोगों को गुमराह किया जा सकता है। इससे नकली वीडियो या तस्वीरें बनाई जा सकती हैं, जिससे अफेक्टेड व्यक्ति को कठिनाई महसूस हो सकती है।

व्यक्तिगत और सामाजिक असुरक्षा: (Personal and social insecurity)

डीपफेक्स से निर्मित गलत जानकारी व्यक्तिगत और सामाजिक असुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। उदाहरण के लिए, एक व्यक्ति को गलतफहमी में पड़ सकता है और इससे उसके साथी, परिवार और समाज के सदस्यों के साथ संबंधों में दुखद असर हो सकता है।

करियर को बाधित करना: (Disrupting career)

डीपफेक्स से निर्मित वीडियो या तस्वीरें व्यक्ति के करियर को भी प्रभावित कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, कोई सार्वजनिक व्यक्ति हो तो उनका इमेज और जीवन पर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे उन्हें नुकसान हो सकता है।

डीपफेक्स से खुद को सुरक्षित रखने के तरीके: (Deepfake Technology)

सतर्कता बढ़ाएं: (Increase vigilance)

आपको हमेशा ऑनलाइन माध्यमों पर सतर्क रहना चाहिए। जब भी कोई वीडियो या तस्वीर साझा कर रहा हो, उसकी सत्यता की जाँच करें। यदि कुछ संदिग्ध लगता है, तो आपको उसे साझा नहीं करना चाहिए।

व्यक्तिगत गोपनीयता का समर्थन करें: (Support personal privacy)

आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए सजग रहना चाहिए। आपको सोशल मीडिया खातों की सेटिंग्स को नियंत्रित करना चाहिए ताकि आपकी व्यक्तिगत जानकारी अच्छे से सुरक्षित रहे।

सत्यापन के लिए विशेषज्ञ सेवाएं उपयोग करें: (Use expert services for verification)

कभी-कभी आपको डीपफेक्स को पहचानने में सहायक होने के लिए विशेषज्ञ सेवाओं का इस्तेमाल करना हो सकता है। इन सेवाओं द्वारा आप वीडियो या तस्वीरों की सत्यापन कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि वे वास्तविक हैं या नहीं।

सजगता बढ़ाएं: (Increase alertness)

आपको अपने आस-पास के वातावरण में भी सजग रहना चाहिए। यदि आपको लगता है कि आपकी व्यक्तिगत जानकारी किसी तरह से खतरे में है, तो तुरंत कार्रवाई करें और आवाज उठाएं।

विश्वसनीय स्रोतों का इस्तेमाल करें: (Use reliable sources)

जब भी आप ऑनलाइन जानकारी खोजते हैं, सुनिश्चित करें कि आप केवल विश्वसनीय स्रोतों का इस्तेमाल कर रहे हैं। असत्य सूचना या गलत स्रोतों से जुड़ी जानकारी से बचने के लिए हमेशा ध्यान रखें।

साझा करने से पहले सोचें: (Think before sharing)

किसी भी जानकारी, वीडियो, या तस्वीर को साझा करने से पहले हमेशा सोचें। क्या यह सत्य है? क्या इसका स्रोत विश्वसनीय है? अगर आपको यकीन नहीं है, तो आपको उसे साझा नहीं करना चाहिए।

डीपफेक्स से बचना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें अपनी ऑनलाइन सतर्कता बढ़ानी चाहिए और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए हमें बुद्धिमत्ता और सजगता से काम लेना चाहिए। एक जागरूक समाज बनाने के लिए हम सभी को इस मुद्दे पर मिलकर काम करना चाहिए ताकि हम एक सुरक्षित और विश्वसनीय ऑनलाइन दुनिया बना सकें।

जाने और खबर :-

ISRO कम लागत में कर रहा बड़े पैमाने पर CNG का उपयोग

One thought on “What is Deepfake Technology: क्या Artificial Intelligence आपकी साइबर सुरक्षा को ख़तरे में डाल रहा है?”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *